quotes in hindi

quotes in hindi
विचार -पुष्प – quotes in hindiuotes in hindi
मनुष्य स्वयं अपनी दुर्बलताओं से बुरी आदतों को पोषित कर ताक़तवर बनने का अवसर देता है
ज़ंज़ीर ,ज़ंज़ीर ही होती है चाहे वह लोहे की हो या सोने की ,दोनों ही मनुष्य को गुलाम बनाती है
विद्धवता अच्छे दिनों में आभूषण है ,विपत्ति में सहायक है एवं बुढ़ापे में संचित सामग्री है
अपवित्र विचार भी उतना ही बुरा है जितना अपवित्र कर्म
यदि कोई कड़वे अथवा अपशब्दों का प्रयोग करता है तो यह उसके अशिष्ट होने से ज्यादा उसके कायर होने का संकेत है
जिस समय क्रोध उत्पन्न होने वाला हो ,उस समय क्रोध से उत्पन्न दुष्परिणामों का भी विचार कर लेना चाहिए
मनुष्य जन्म से न तो माथे पर तिलक लगाकर आता है और न जनेऊ पहनकर। जो सत्कर्म करता है वह ही द्विज है और जो दुष्कर्म करता है ,वह ही नीच है
मनुष्य दूसरों के गुणोंकी अपेक्षा उसकी गलतियों से ज्यादा सीख सकता है
किसी में दोष निकालना सरल है किन्तु दोष को ठीक करना ज्यादा कठिन है
ऋणी मनुष्य कभी सुख की नींद नहीं सो सकता
आशावादी हर कठिनाई में अवसर देखता है ,किन्तु निराशावादी हर अवसर में कठिनाई ही देखता है
जिसे अपने आप पर विश्वास नहीं ,वह दूसरों पर कैसे विश्वास कर सकता है ?
दुःख को दूर करने के लिए एक ही अमोघ ओषधि है ,मन से दुखों की चिंता ना करना
ढोंगी बनने की अपेक्षा स्पष्ट रूप से नास्तिक बनना ज्यादा अच्छा है
अध्यात्म के बिना विज्ञानं लंगड़ा है किन्तु विज्ञानं के बिना अध्यात्म अंधा है
अच्छे विचारों और अच्छे प्रयासों का परिणाम निस्संदेह अच्छा ही होगा
मनुष्य वैसा ही बन जाता है जैसे उसके विचार होते है
भय और बैर से मुक्ति का उपाय है -प्रेम और अहिंसा
बुराई पहले अकेली आती है फिर वह अपनी सभी बहनों को भी बुला लेती है
पश्चाताप मनुष्य के पापों का बोझ हल्का कर देता है
इच्छा से ही दुःख आता है, इच्छा से भय आता है ,जो इच्छा से मुक्त हो गया वह न दुःख को जनता है और न भय को
ज्ञानहीन व्यक्ति चाहे वह वृद्ध ही क्यों न हो बालक है और शिक्षक चाहे वह अल्पव्यस्क ही हो ,पिता है
अग्नि उसी को जलती है ,जो उसके पास जाता है किन्तु क्रोधाग्नि सरे कुटुम्ब को जला डालती है ।
कामना सागर की तरह अतृप्त है ,ज्यो -ज्यो हम उसकी आवश्यकता की पूर्ति करते है त्यों-त्यों कोलाहल बढ़ाता है ,कम नहीं होता
बुद्धिमान क्षति होने पर रोते नहीं अपितु क्षतिपूर्ति का उपाय ढूढने लगते है
आसक्ति ही मनुष्य को नीच और दुर्बल बनाती है








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