inspiration-motivational quotes in hindi -3

inspiration-motivational quotes in hindi -3
शब्द बाण -inspiration-motivational quotes in hindi -3
पुरुष विजय का भूखा होता है और नारी समर्पण की। पुरुष लूटना चाहता है और नारी लुटना
ना कोई किसी का शत्रु है और ना कोई किसी का मित्र ,शत्रुता और मित्रता केवल व्यवहार से होती है
कीचड़ से सने सूअर को लात कभी मत मारिये ,सूअर का कुछ नहीं बिगड़ेगा आपकी ही पतलून गन्दी होगी
सत्य काँटों से घिरे गुलाब की तरह होता है। दोनों ही कष्ट पाकर भी अपना गुण नहीं त्यागते
सत्य मेव जयते ….. सत्य की ही विजय होती है ,सत्य ही धर्म है ,सत्य ही परब्रह्म परमात्मा है
आत्मा का पतन करनेवाला कार्य ही पाप है
साँप के दन्त में विष होता है,मक्ख़ी के सर में माहुर रहता है ,बिच्छू की पूंछ में विष होता है किन्तु दुर्जन के समस्त अंगों में विष होता है
दुःख और परेशानियाँ मनुष्य को उसे उसकी अन्तर्निहित शक्तियों से परिचित कराती है
मनुष्य के विचार ही मनुष्य का भविष्य निर्धारित करते है
याचना से प्राप्त सुखमय जीवन से कहीं ज्यादा स्वाभिमान की मृत्यु अच्छी है
जो आत्म तत्व को जान लेता है ,वह मृत्यु से भयभीत नहीं होता
महापुरुष संसार को नहीं ढूढते , संसार महापुरुषों को ढूढता है
यदि आप सुंदर है किन्तु आप में सद्गुण नहीं तो आपकी सुंदरता व्यर्थ है।आंतरिक विचारों की सुंदरता बाह्य सौंदर्य से कहीं ज्यादा सुंदर है।
साम्राज्य ,पुत्र ,ऐश्वर्य ,सम्पति ये सब मिलकर भी सद्गुण का सोलहवां हिस्सा भी नहीं है
फूलों की सुंगन्ध हवा की दिशा में ही जाती है किन्तु सद्गुणों की सुगन्ध चारों तरफ फैलाती है
सत्य काँटों से घिरे गुलाब की तरह होता है। दोनों ही कष्ट पाकर भी अपना गुण नहीं त्यागते

भय का बीज ही बुराइयों के वृक्ष के रूप में पल्लवित होता है
यदि आप भूल को भीतर आने से रोकोगे तो सत्य भी बाहर ही खड़ा रहेगा
सत्य मेव जयते ….. सत्य की ही विजय होती है ,सत्य ही धर्म है ,सत्य ही परब्रह्म परमात्मा है
आत्मा का पतन करनेवाला कार्य ही पाप है
साँप के दन्त में विष होता है,मक्ख़ी के सर में माहुर रहता है ,बिच्छू की पूंछ में विष होता है किन्तु दुर्जन के समस्त अंगों में विष होता है
बिना घर्षण के हीरे में भी चमक नहीं आती इसी तरह बिना संघर्ष के मनुष्य का जीवन भी नहीं निखरता
दुःख और परेशानियाँ मनुष्य को उसे उसकी अन्तर्निहित शक्तियों से परिचित कराती है
मनुष्य के विचार ही मनुष्य का भविष्य निर्धारित करते है
याचना से प्राप्त सुखमय जीवन से कहीं ज्यादा स्वाभिमान की मृत्यु अच्छी है
जो आत्म तत्व को जान लेता है ,वह मृत्यु से भयभीत नहीं होता
महापुरुष संसार को नहीं ढूढते , संसार महापुरुषों को ढूढता है

मन ही जीवन का मार्ग तय करता है और मन ही मृत्यु का मार्ग तय करता है ,विचार और दृढ़ इच्छा शक्ति के अनुसार मनुष्य अपना मार्ग चुन लेता है
यदि आप सुंदर है किन्तु आप में सद्गुण नहीं तो आपकी सुंदरता व्यर्थ है।आंतरिक विचारों की सुंदरता बाह्य सौंदर्य से कहीं ज्यादा सुंदर है।








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