Inspirational motivational quotes in hindi

जन्म के पश्चात् मृत्यु ,उत्थान के पश्चात् पतन ,संयोग के बाद पश्चात् वियोग और संचय के पश्चात् क्षय निश्चित है यह जानकार बुद्धिमान हर्ष और शोक के वशीभूत नहीं होते
-महा भारत
ज्ञान सागर के मोती
ईर्ष्या और द्वेष से भरे लोगों के लिए दूसरों की हंसी ज़ख्मों पर नमक का काम करती है -प्रेमचंद
जीवन में हंसी की वैसे ही ज़रूरत है ,जैसे पौधों के खिलने लिए पानी की -जॉर्ज बर्नार्ड शॉ
हिंसा से शान्ति पाना वैसा ही मूर्खता पूर्ण प्रयास है जैसे आग में घी डालकर आग बुझाने की कोशिश करना -सुभाषित
क्षमा से बढ़कर और किसी बात में पाप को पुण्य बनाने की शक्ति नहीं -जयशंकर प्रसाद
हिंसा के समर्थक मानवता के शत्रु है -महात्मा बुद्ध

दूसरों में गलतियां निकालना आसांन है ,किन्तु अच्छा कार्य करना कठिन है -प्लूटार्क
जैसे पत्थर में पानी होता है वैसे पाषाण ह्रदय में भी करुणा होती है -प्रेमचंद
मनुष्य का ह्रदय वह सरोवर है जहाँ कमल पुष्पों के साथ रक्त की प्यासी जोकेँ भी पैदा होती है -सुदर्शन
जिसे अपने आप पर विश्वास नहीं ,उसकी सफलता संदिग्ध है -सरदार पटेल
हिंसा दुष्टों का बल है और क्षमा गुणवानों का -विदुर
महान उद्देश्य के लिए मरनेवाला कभी पराजित नहीं कहलाता -बायरन
समझदार लोग नुकसान होने पर अपना समय दुःख मनाने में नहीं गवांते बल्कि नुकसान की भरपाई कैसे हो ,यह सोचने में लगाते है -शेक्सपीयर
सबसे श्रेष्ठतम प्रतिशोध है -क्षमा -रवीन्द्रनाथ ठाकुर
एक क्षण का पाप कृत्य हमेशा का कलंक है ,जिसे मिटाया नहीं जा सकता – कालिदास
क्षणिक भावावेश में लिया गया निर्णय दौड़कर नदी पार करने जैसा मूर्खतापूर्ण है -सुभाषित
गलती नुकसान नहीं ,एक सीख है ,जो मनुष्य को भविष्य में होने वाले बड़े नुकसान से बचा सकती है -साइरस

अपनी गलतियों को छिपाकर हम अपने आप को ही धोखा देते है ,यह ठीक वैसा ही है, जैसे कभी -कभी मकड़ी अपने ही बनाये जले में फंस जाती है -हेग
किसी और की गलतियों या कमियों पर अंगुली उठाने से पहले स्वयं की गलतियों तथा दोषो पर नज़र डाल ले-गेलिना
नारी की गलती है अपने आप को कमज़ोर समझना और पुरुष की गलती है अपने आप को ताक़तवर समझना -मेडमद स्टील
दूसरों में गलतियां निकालना आसांन है ,किन्तु अच्छा कार्य करना कठिन है -प्लूटार्क उस मनुष्य पर कभी काम और लोभ का विष नहीं चढ़ सकता जिसने आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर लिया -रामकृष्ण परम हंस
वह पुस्तकीय ज्ञान भार स्वरुप ही है जो परमार्थिक और क्रियात्मक न हो -उपनिषद्
क्षमा तेजस्वियों का तेज़ है ,क्षमा तपस्वियों का ब्रह्म है ,क्षमा सत्यवादियों का सत्य है। क्षमा सत्य है और क्षमा मनोनिग्रह है -महा भारत
क्षमा यश है। क्षमा में ही चराचर जगत स्थित है -वाल्मीकि रामायण
अन्याय मिटाने का भाषण देने की अपेक्षा अच्छा होगा कि हम स्वयं न तो अन्याय करें और न अन्याय सहे -अमृतलाल नागर
जन्म के पश्चात् मृत्यु ,उत्थान के पश्चात् पतन ,संयोग के बाद पश्चात् वियोग और संचय के पश्चात् क्षय निश्चित है यह जानकार बुद्धिमान हर्ष और शोक के वशीभूत नहीं होते
-महा भारत
यदि आपका ह्रदय सच्चाई,परमार्थ और प्रेम से भरा है तो सारा संसार आपके सम्मुख हथियार डाल देगा -स्वामी रामतीर्थ







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