WORLD BICYCLE DAY
.jpeg)
पिछली कुछ सदियों में दुनिया में क्रन्तिकारी आविष्कार हुए हैं जिससे से कुछ आविष्कारों ने मनुष्य के समय और श्रम साध्य जटिल –कठिन कार्य को आसान बना दिया ,इस तथ्य मे न कोई विरोध है और न कोई विवाद .किन्तु दैनिक जीवन के कुछ घरेलू कार्य ऐसे भी जिन्हें मनुष्य स्वयं भी कर सकता है , उन सहज कार्य के लिएमनुष्य मशीन पर निर्भर होता चला गया .घरेलू कार्य में मशीनों को शामिल करने से जीवन शैली ही बदल गई ,विशेषकर इस पीढ़ी के बच्चों पर इसका प्रभाव स्पष्ट देखा जा सकता है –
साइकिल चलाये ……..
सेहत बनाये
पर्यावरण बचाए
आदमी ने कम समय में आसानी से काम करने के लिए मशीन का इस्तेमाल किया .शारीरिक उर्जा खर्च किये बिना कम समय में काम होने लगा .वह अपनी बुद्धिमानी से खुश हुआ .धीरे –धीरे वह मशीनों पर पराश्रित हो गया या यूँ कहे कि उसने अपने आपको मशीनों का गुलाम बना लिया ,तो गलत न होगा . शारीरिक श्रम करने से बचने की प्रवृति इस हद बढ़ गई है कि छोटे –छोटे कामों के लिए भी वह विकल्प तलाशने लगता है .लेकिन साइकिल इसका अपवाद है – साइकिल का उपयोग आदमी को अकर्मण्य नहीं बल्कि चुस्त और स्वथ्य बनाता है .साइकिल एक मशीन होकर भी इसका प्रयोग स्वास्थय के लिए अच्छा होता है.

साइकिल चलाएं, सेहत बनाएं
साइकिलिंग से एक नहीं अनेक लाभ है –
साइकिल समाजवाद का भी प्रतीक है ,इसलिए नहीं कि यह समाजवादी पार्टी का चुनाव चिह्न है बल्कि इसलिए कि इसका प्रयोग अमीर-गरीब दोनों के लिए उपयोगी है और अमीरी-गरीबी का भेद मिटाती है .
साइकिल चलाना मुख्य रूप से एक एरोबिक एक्टिविटी है, जिसका अर्थ है कि आपके दिल, रक्त वाहिकाओं और फेफड़ों सभी को एक कसरत मिलती है। जिससे आपके स्वास्थ्य स्तर में सुधार होगा।
साइकिल चलाने से हृदय दुरूस्त रहता है नियमित रूप से साइकिल चलाने से लोगों को हृदय रोग से बचाया जा सकता है।
साइकिल चलाने से मांसपेशियों की कसरत होती है और मांसपेशियों मज़बूत और लचीली बनती है
साइकिलिंग स्टैमिना बढ़ने के साथ-साथ एरोबिक फिटनेस भी बढाती है।
साइकलिंग वजन कम करने का एक अच्छा उपाय है . साइकिल चालाने से प्रति घंटे लगभग 300 कैलोरी जलती है।हर दिन आधे घंटे के लिए साइकिल चलाना एक साल में लगभग पांच किलोग्राम वजन कम हो सकता है। साइकलिंग calories Burn करके मोटापा कम करती है
साइकिल चलाने से जोड़ों की गतिशीलता में सुधार होता है
टाइप 2 मधुमेह के जोखिम कम करती है
साइकिलिंग से इम्यून सिस्टम क्रियाशील होता है और अन्य बीमारी का खतरा कम हो जाता है ..
साइकिलिंग घुटने और जोड़ों के दर्द से लाभ पहुँचाती है .पीठ दर्द जैसी परेशानी में कमी होती है
साइकिलिंग तनाव stress Reduce कर अच्छी नींद में सहायक है .
हार्ट अटैक, कैंसर, मोटापे , डाईबेटिस जैसी गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है,
साइकिल मनुष्य को स्वस्थ्य बनती है ,आलसी नहीं
साइकिलिंग जितना आपको शारीरिक रूप से स्वथ्यरखती है उतना ही मानसिक स्वस्थ्य रखती है
साइकिलिंग जहाँ आपकी सहनशक्ति stamina बढाती है वही अन्य बीमारियों से लड़ने क्षमता बढाती है मस्तिष्क की शक्ति brain power बढ़ाना में भी सहायक है
इसके अतिरिक्त –
बाइक अथवा स्कूटर प्रदूषण बढ़ाते है किन्तु हम कम दूरी के लिए बाइक या स्कूटर का प्रयोग करने के बजाय साइकिल का प्रयोग कर प्रदूषण की मात्रा कम करने में सहयोग कर सकते है .
क्योकि साइकिलिंग में आंतरिक शून्य-उत्सर्जन मूल्य होता है इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने में योगदान देती है
बाइक या स्कूटर के प्रयोग की तुलना में साइकिल का प्रयोग जेब का खर्च बढ़ानेवाला नहीं होता .
साइकिल खरीदने पर जो निवेश होता है ,साइकिल अच्छा स्वास्थ्य देकर उस निवेश का लाभ देती है .
कम खर्च में सभी उम्र और सभी तबके के लोग साइकिलिंग का लाभ उठा सकते हैं।
लेकिन एक बात का अवश्य ध्यान रखे अति सदा वर्जयते अर्थात अति उत्साहित होकर ज़रुरत से ज्यादा साइकिलिंग लाभ पहुँचाने के स्थान पर नुकसान भी पहुंचा सकती है .और हाँ ,अगर आप किसी गंभीर रोग से लम्बे समय से ग्रस्त है तो डॉक्टर की सलाह अवश्य ले ले .







No Comments