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विलोम शब्द,vilom shabda

August 26, 2022
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विलोम शब्द
1ण् चेतन – अचेतन 2ण् ग्राह्म – अग्राह्म
3ण् क्षर – अक्षर 4ण् अनिज्ञ – अनभिज्ञ
5ण् आवृत – अनावृत 6ण् आहूत – अनाहूत
7ण् आर्य – अनार्य 8ण् कीर्ति – अपकीर्ति
9ण् आशा – दुराशा 10ण् तृष्णा – विष्तृणा
11ण् लोक – परलोक 12ण् क्रिया – प्रतिक्रिया
13ण् घात – प्रतिघात 14ण् वादी – प्रतिवादी
15ण् आमिष – सामिष 16ण् संदेह – निस्संदेह
17ण् सदोष – निर्दोष 18ण् सार्थक – निरर्थक
19ण् जंगम – स्थावर 20ण् अधित्यका – उपत्यका
21ण् अवनि – अम्बर 22ण् अग्र – पश्य
23ण् अनिवार्य – ऐच्छिक 24ण् अथ – इति
25ण् अर्वाचीन – प्राचीन 26ण् कृपण – उदार
27ण् उत्थान – पतन 28ण् उग्र – सौम्य
29ण् गुरू – लघु 30ण् ग्राह्य – त्याजय
31ण् गृहस्थ – संन्यासी 32ण् तामसिक – सात्विक
33ण् दीर्घ – हृस्व 34ण् निन्दा – स्तुति
35ण् निन्द्य – वन्द्य 36ण् बद्ध – मुक्त
37ण् नैसर्गिक – कृत्रिम 38ण् अघोष – सघोष
39ण् अभ्यान्तर – बाह्य 40ण् अज्ञ – विज्ञ
41ण् व्यष्टि – समष्टि 42ण् सकाम – निष्काम
43ण् सजल – निर्जल 44ण् सक्रिय – निष्क्रिय
45ण् आर्द्र – शुष्क 46ण् उत्कर्ष – अपकर्ष
47ण् उन्मुख – विमुुख 48ण् उन्मूलन – रोपण
49ण् औपचारिक – अनौपचारिक 50ण् अन्तर्भाव – बहिर्भाव
51ण् सधवा – विधवा 52ण् सुयोग – वियोग
53ण् सदुपयोग – दुरूपयोग 54ण् अवर – प्रवर
55ण् सुबोध – दुर्बोध 56ण् पूर्ववती – परवर्ती
57ण् संकल्प – विकल्प 58ण् सम्पन्नता – विपन्नता
59ण् अनुराग – विराग 60ण् उत्कर्ष – उपकर्ष
61ण् उपसर्ग – परसर्ग 62ण् विभव – पराभव
63ण् अनुलोम – प्रतिलोम 64ण् उत्ड्डष्ट – निड्डष्ट
65ण् उन्नति – अवनति 66ण् उपचय – अपचय
67ण् आविर्भूत – तिरोभूत 68ण् अन्तरंग – बहिरंग
69ण् कदाचार – सदाचार 70ण् ड्डतज्ञ – ड्डतघ्न
71ण् खंडन – मंडन 72ण् गरिमा – लघिमा
73ण् गौरव – लाघव 74ण् चिरन्तर – नश्वर
75ण् जड़ – चेतन 76ण् चिरायु – अल्पायु
77ण् जरा – शैशव 78ण् द्वन्द्व – निद्व्रन्द्व
79ण् दक्षिण – वाम/उत्तर 80ण् दुराशय – सदाशय
81ण् नश्वर – अनश्वर 82ण् निरपेक्ष – सापेक्ष
83ण् निजी – सार्वजनिक 84ण् पाश्चात्य – पौवत्यि
85ण् महात्मा – दुरात्मा 86ण् विधि – निषेघ
87ण् विशिष्ट – सामान्य 88ण् सज्जन – दुर्जन
89ण् सर्वज्ञ – अल्पज्ञ 90ण् साकार – निराकार
91ण् सूक्ष्म – स्थूल 92ण् आशीष – दुराशीष
93ण् आसक्त – अनासक्त 94ण् द्वैत – अद्वैत
95ण् कनिष्ठ – ज्येष्ठ 96ण् एकार्थक – अनेकार्थक
97ण् सृष्टि – प्रलय 98ण् हृस्व – दीर्घ

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