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November 12, 2022
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कवितावली,लक्षमण मूर्छा और राम विलाप ,तुलसी

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(क) कवितावली

1. किसबी, किसान-कुल, बनिक, भिखारी,भाट,

चाकर, चपला नट, चोर, चार, चेटकी।

पेटको पढ़त, गुन गुढ़त, चढ़त गिरी,

अटत गहन-गन अहन अखेटकी।।

ऊँचे-नीचे करम, धरम-अधरम करि,

पेट ही की पचित, बोचत बेटा-बेटकी।।

‘तुलसी ‘ बुझाई एक राम घनस्याम ही तें,

आग बड़वागितें बड़ी हैं आग पेटकी।।

प्रश्न- 1 पेट भरने के लिए लोग क्या-क्या अनैतिक काय करते हैं ?             

(अ ) धर्म -अधर्म           

(ब ) ऊँचे -नीचे कर्म     

(स ) संतानों को भी बेच 

(द ) उपर्युक्त सभी

उत्तर-(द )उपर्युक्त सभी

प्रश्न- 2 कवि ने समाज के किन-किन लोगों का वर्णन किया है ?

(अ)मज़दूर                   

(ब )किसान                  

(स )व्यापारी                 

(द )उपर्युक्त सभी

उत्तर-(द )उपर्युक्त सभी

प्रश्न- 3  कवि के अनुसार, पेट की आग कौन बुझा सकता है ?

उत्तर-(अ) स्वयं मनुष्य               

(ब ) श्री राम      

(स ) भक्ति       

(द )उपर्युक्त सभी

प्रश्न-4 पेट की आग को किसके समान बतलाया है –

उत्तर- (अ)रावण के समान        

(ब ) कुम्भ करण के समान        

(स )समुन्द्र में लगी आग के समान             

(द )उपर्युक्त सभी

2.

खेती न किसान को, भिखारी को न भीख, बलि,

बनिक को बनिज, न चाकर को चाकरी

जीविका बिहीन लोग सीद्यमान सोच बस,

कहैं एक एकन सों ‘ कहाँ जाई, का करी ?’

बेदहूँ पुरान कही, लोकहूँ बिलोकिअत,

साँकरे स सबैं पै, राम ! रावरें कृपा करी।

दारिद-दसानन दबाई दुनी, दीनबंधु !

दुरित-दहन देखि तुलसी हहा करी।

प्रश्न- 1  लोग किससे  चिंतित  ?

(अ ) बेरोजगारी से        

(ब )भुखमरी से

(स) अकाल  से 

(द)  उपर्युक्त सभी

उत्तर-(अ ) बेरोजगारी से           

प्रश्न- 2  वेदों व  पुराणों में क्या कहा गया है ?

(अ ) संकट से श्री राम ही उबरते है        

(ब ) भक्ति से उबरा जा सकता है           

(स) स्वयं के प्रयासों से उबरा जा सकता है              

(द) उपर्युक्त सभी

उत्तर- (अ) संकट से श्री राम ही उबारते है

प्रश्न -3  तुलसीदास ने दरिद्रता की तुलना किससे की हैं

(अ ) यमराज से            

(ब ) कुम्भकरण से        

(स)रावण से     

(द)उपर्युक्त सभी

उत्तर- (स)रावण से

प्रश्न-4 दुरित दहन से क्या आशय है –

(अ ) बुरी अग्नि  

(ब )पाप की अग्नि          

(स) प्रचंड अग्नि

(द)उपर्युक्त सभी

उत्तर-   (ब )पाप की अग्नि          

3.

धूत कहो, अवधूत कहों, रजपूतु कहीं, जोलहा कहों कोऊ।

कहू की बेटीसों बेटा न ब्याहब, काहूकी जाति बिगार न सौऊ।

तुलसी सरनाम गुलामु हैं राम को, जाको रुच सो कहें कछु आोऊ।

माँग कै खैबो, मसीत को सोइबो, लेबोको एकु न दैबको दोऊ।।

प्रश्न- 1 तुलसी ने  किसे संबोधित किया है –

(अ ) पाठको को           

(ब ) विरोधियों को         

(स) श्री राम को

(द) उपर्युक्त सभी

उत्तर-  (ब ) विरोधियों को          

प्रश्न-2  कवि अपने  किस रुप पर गर्व करता है ?

(अ )रामभक्त कहलाने में

(ब ) गुलाम कहलाने में  

(स) भक्त कहलाने में    

(द) उपर्युक्त सभी

उत्तर- (अ )रामभक्त कहलाने में

प्रश्न-3 सरनाम शब्द का अर्थ है –

(अ ) उपनाम    

 (ब ) मुख्य नाम                        

(स) प्रसिद्द        

(द) चर्चित

उत्तर- (स) प्रसिद्द

प्रश्न- 4  लेबो को एकु न दैब को दोऊ  से तुलसी का क्या आशय है –

(अ ) न किसी एक पैसा लेना है और नकिसी को  दो पैसे देने है    

(ब ) किसी के प्रति कोई दायित्व नहीं                 

(स) वें सभी बंधनों से मुक्त है

(द) उपर्युक्त सभी

उत्तर- (ब ) किसी के प्रति कोई दायित्व नहीं       

तव प्रताप उर राखि प्रभु, जैहउँ नाथ तुरंग।

अस कहि आयसु पाह पद, बदि चलेउ हनुमत।

भरत बाहु बल सील गुन, प्रभु पद प्रीति अपार।

मन महुँ जात सराहत, पुनि-पुनि पवनकुमार।।

प्रश्न-1 किस किस के बीच वार्ता बतलाई गईहै –

(अ ) राम -हनुमान के बीच        

(ब ) तुलसी और हनुमान के बीच           

(स )हनुमानजी और भरत जी के बीच     

(द ) उपर्युक्त में से किसी के बीच नहीं

उत्तर-(स )हनुमानजी और भरत जी के बीच

 प्रश्न-2 हनुमानजी अपने साथ क्या ले जा रहे थे –

(अ )संजीवनी बूंटी         

(ब ) ज़डें          

(स ) वृक्ष          

(द ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर-(अ )संजीवनी बूंटी

प्रश्न-3  हनुमान भरत की किस बात से प्रभावित हुए ?

(अ ) रूप सौन्दर्य से        

(ब ) वार्तालाप से           

(स )राम भक्ति से         

(द ) उपर्युक्त सभी से

उत्तर- (स )राम भक्ति से

प्रश्न-4 तव प्रताप उर राखि प्रभु ,इस पंक्ति में तव शब्द का अर्थ है –

(अ ) तू  

(ब )आपका      

(स ) तुम          

(द ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर- (ब )आपका

प्रश्न-5   कवि का नाम बताइए-

(अ )उमा शंकर जोशी   

(ब )फिराक गोरखपुरी   

(स )तुलसी       

(द )  उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर-(स )तुलसी          

2.

उहाँ राम लछिमनहि निहारी। बोले बचन मनुज अनुसार।।

अर्द्ध  राति गई कपि नहिं आयउ। राम उठाड़ अनुज उर लायउ ।।

सकडु न दुखित देखि मोहि काऊ। बांधु सदा तव मृदुल सुभाऊ।।

सो अनुराग कहाँ अब भाई । उठहु न सुनि मम बच बिकलाई।।

जों जनतेउँ बन बंधु बिछोहू। पिता बचन मनतेऊँ नहिं ओहू।।

प्रश्न-1  रात अधिक होते देख राम कैसे हो गए ?

(अ )चिंतित       

 (ब )अस्थिर     

(स )व्याकुल     

(द ) उपर्युक्त सभी

उत्तर-   (स )व्याकुल

प्रश्न-2 राम ने किसे ह्रदय से लगाया –

(अ ) लक्षमण को            

(ब ) हनुमानजी को       

(स ) वैद सुषेण को        

(द ) उपर्युक्त सभी को

उत्तर-   (अ ) लक्षमण को

प्रश्न-3 राम को दुखी कौन नहीं देख सकता था –

(अ ) हनुमानजी 

(ब ) भगवान शिव         

(स ) लक्षमण    

(द ) उपर्युक्त सभी

उत्तर-   (स )लक्षमण उत्तर-

प्रश्न-4 लक्ष्मण का स्वाभाव कैसा था –

(अ ) क्रुद्ध 

(ब ) कोमल      

(स ) सरल        

(द ) उपर्युक्त सभी

उत्तर-   (ब )कोमल

3.

सुत बित नारि भवन परिवारा। होहिं जाहिं जग बारह बारा।।

अस बिचारि जिय जागहु ताता। मिलइ न जगत सहोदर भ्राता।।

जथा पंख बिनु खग अति दीना। मनि बिनु फनि करिबर कर हीना।।

अस मम जिवन बंधु बिनु तोही। जों जड़ दैव जिआर्वे मोही।।

जैहउँ अवध कवन मुहुँ लाई। नारि हेतु प्रिय भाड़ गवाई।।

बरु अपजस सहतेउँ जग माहीं। नारि हानि बुसेष छति नहीं।।

प्रश्न-1  प्रस्तुत काव्यांश में कवि ने राम को किस रूप में प्रस्तुत किया है –

(अ ) असामान्य मनुष्य के रूप में 

(ब ) सामान्य मनुष्य के रूप में

 (स ) दैवीय शक्ति से परिपूर्ण     

(द )  उपर्युक्त सभी

उत्तर-   (ब )सामान्य मनुष्य के रूप में 

प्रश्न-2  राम ने भ्रातृ-प्रेम की तुलना में किन-किन को  हीन माना है?

(अ ) पुत्र और स्त्री  को    

(ब ) धन को 

(स ) घर और परिवार को

(द ) उपर्युक्त सभी को

उत्तर-   (द ) उपर्युक्त सभी को

प्रश्न -3 लक्ष्मण के बिना राम ने जीवन कैसा हो जाना बतलाया है –

(अ )पंखहीन पक्षी की भांति         

(ब )सूंड रहित हाथी की भांति  

(स )बाती बिना दीपक की भांति

(द ) (अ )और (ब ) की भांति

उत्तर- (द ) (अ )और (ब ) की भांति

प्रश्न-4 जड़ दैव किसे कहा है –

(ग) राम को लक्ष्मण के बिना अपना जीवन कैसा लगता है?

(अ ) निस्सार      

(ब ) व्यर्थ         

(स ) दुर्भाग्य पूर्ण           

(द )उपर्युक्त सभी

उत्तर- (स ) दुर्भाग्यपूर्ण

4.

अब अपलोकु सोकु सुत तोरा। सहहि निठुर कठोर उर मोरा।।

निज जननी के एक कुमारा । तात तासु तुम्ह प्रान अधारा।।

सौंपेसि मोहि तुम्हहि गहि पानी। सब बिधि सुखद परम हित जानी।।

उतरु काह दैहऊँ तेहि जाई। उठि किन मोहि सिखावहु भाई।।

बहु बिधि सोचत सोचि बुमोचन। स्त्रवत सलिल राजिव दल लोचन।।

उमा एक अखंड रघुराई। नर गति भगत कृपालु

सोरठा

प्रभु प्रलाप सुनि कान, बिकल भए बानर निकर।

आइ गयउ हनुमान, जिमि करुना महं बीर रस।।

प्रश्न-1 राम क्या -क्या सहन करने को तैयार है –

(अ ) कष्ट           

(ब )अपयश      

(स ) वियोग      

(द )अपयश और वियोग दोनों

उत्तर- (द )अपयश और वियोग दोनों

प्रश्न- 2 राम महल में प्रवेश के समय किसका सामना करने से डर रहे है –

(अ )मंत्रियों का  

(ब ) कैकेयी का

(स )सुमित्रा का

(द ) भरत का

 उत्तर- (स )सुमित्रा का

प्रश्न-3 राम के अनुसार माता सुमित्रा ने राम को क्या समझकर लक्षमण का हाथ सौपा  था –

(अ ) हितैषी      

 (ब ) मित्र         

(स ) भाई         

(द ) सहयोगी

 उत्तर- (अ )हितैषी

प्रश्न -4  स्त्रवत सलिल राजिव दल लोचन उक्त पंक्ति में राजीव दल लोचन किसके लिए प्रयुक्त हुआ है –

(अ ) विष्णु के लिए        

 (ब ) लक्षमण के लिए    

(स ) राम के लिए          

(द )उपर्युक्त में से किसी के लिए नहीं

 उत्तर- (स )राम के लिए 

5.

हरषि राम भेंटेउ हनुमान। अति कृतस्य प्रभु परम सुजाना ।।

तुरत बँद तब कीन्हि उ पाई। उठि बैठे लछिमन हरषाड़।।

हृदयाँ लाइ प्रभु भेटेउ भ्राता। हरषे सकल भालु कपि ब्राता।।

कपि पुनि बँद तहाँ पहुँचवा। जेहि बिधि तब ताहि लह आवा।।

प्रश्न-1 राम ने किसके प्रति कृतज्ञता प्रकट की –

(अ ) वैद्य सुषेण के प्रति               

(ब ) वानरों के प्रति       

(स )हनुमान के प्रति      

(द ) उपर्युक्त सभी के प्रति

 उत्तर- (स ) हनुमान के प्रति  

प्रश्न-2 हनुमानजी के आने पर राम ने क्या क्या प्रतिक्रिया व्यक्त की –

(अ प्रसन्न हुए                                        

 (ब ) हनुमानजी को गले से लगाया

 (स ) हनुमान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की            

(द )उपर्युक्त सभी

उत्तर- (द )उपर्युक्त सभी

प्रश्न- 3 मूर्छित लक्षमण का उपचार किसने किया –

(अ ) हनुमानजी ने           

(ब ) विभीषण ने            

(स )वैद्य सुषेण ने          

(द ) सभी ने

 उत्तर- (स ) वैद्य सुषेण ने

प्रश्न-4 हनुमानजी वैद्य सुषेण को कहाँ पहुंचा आये –

(अ ) स्वर्ग          

(ब ) पातळ       

(स ) लंका        

(द ) उपर्युक्तमें से कहीं नहीं

 उत्तर- (स ) लंका 

6.

यह बृतांत दसानन सुनेऊ। अति बिषाद पुनि पुनि सिर धुनेऊ।।

ब्याकुल कुंभकरन पहिं आवा। बिबिध जतन करि ताहि जगावा ।।

जागा निसिचर देखिअ कैस। मानहुँ कालु देह धरि बैंस ।।

कुंभकरन बूझा कहु भाई । काहे तव मुख रहे सुखाई।।

प्रश्न-1 लक्ष्मण की मूर्छा टूटने की घटना सुनकर रावण क्या करने लगा –

(अ ) दांत किटकिटाने लगा         

(ब ) सिर पीटने             

(स ) पैर पटकने लगा    

(द )उपर्युक्त सभी

 उत्तर-  (ब ) सिर पीटने 

प्रश्न-2 लक्ष्मण की मूर्छा टूटने की घटना सुनकर रावण किसके पास गया

(अ )  विभीषण के पास 

(ब ) मेघनाथ के पास     

(स ) कुम्भकरण के पास            

(द ) उपर्युक्त सभी के पास

 उत्तर-  (स ) कुम्भकरण के पास

प्रश्न-3 नींद से जागा कुम्भकरण कैसा लग रहा था –

(अ )काल के समान      

 (ब )यमराज के समान  

(स ) प्रचंड अग्नि के समान         

(द )उपर्युक्त सभी की तरह

 उत्तर- (अ )काल के समान 

प्रश्न-4 यह बृतांत दसानन सुनेऊ ,रावण ने कौनसा वृतांत सुना –

(अ ) सीता हरण का        

(ब ) युद्ध का    

(स ) लक्ष्मण मूर्छा टूटने का       

(द )उपर्युक्त सभी का

 उत्तर- (स ) लक्ष्मण मूर्छा टूटने का

7.

कथा कही सब तेहिं अभिमानी। कही प्रकार सीता हरि आनी।।

तात कपिन्ह सब निसिचर मारे। महा महा जोधा संघारे महा।।

दुर्मुख सुररुपु मनुज अहारी। भट अतिकाय अकंपन भारी।।

अपर महोदर आदिक बीरा। परे समर महि सब रनधीरा।।

दोहा

सुनि दसकंधर बचन तब, कुंभकरन बिलखान।।

जगदबा हरि अनि अब, सठ चाहत कल्यान।।

प्रश्न-1  सीता-हरण से लेकर अब तक के युद्ध और उसमें मारे गए अपनी सेना के वीरों के बारे में किसने किसको बताया –

(अ )रावण ने मेघनाथ  से           

(ब ) रावण ने कुम्भकरण से       

(स)रावण ने मंदोदरी  से

(द )उपर्युक्त सभी से

 उत्तर- (ब ) रावण ने कुम्भकरण से

प्रश्न-2 रावण ने किन -किन वीरों के नाम गिनाये-

(अ )  दुर्मुख, अतिकाय  

(ब ) अकंपन, महोदर    

(स)  महोदर, नरांतक    

(द ) उपर्युक्त सभी

 उत्तर- (द )उपर्युक्त सभी

प्रश्न-3  कुम्भकरण किससे क्रुद्ध हुआ –

(अ )राम से         

(ब ) हनुमानजी से         

(स) रावण से    

(द ) विभीषण से

 उत्तर- (स) रावण से     

प्रश्न-4 कुम्भकरण ने सीता को क्या बतलाया –

(अ ) जगदम्बा    

(ब ) राधा         

(स) लक्ष्मी

(द ) देवी

 उत्तर- (अ ) जगदम्बा   

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