vyakaran

युग्म शब्द,yugma shabd

August 26, 2022
Spread the love

युग्म शब्द
अवलम्ब सहारा अविलम्ब शीघ्र
अविहित विधि विरूद्ध अभिहित कथित/उक्त
अवदान प्रशंसित कार्य अवधान योग/ध्यान
अवधि समय अवधी भाषा विशेष
अवशेष बाकी अविशेष सामान्य
अवमर्श स्पर्श अवमर्ष आलोचना
अलिक ललाट अलिक झूठा
अलोक अदृश्य आलेाक प्रकाश
अश्व घोड़ा अस्व पराया
अशीलता उद्दण्डता असिलता तलवार
अशक्त निर्बल असक्त उदासीन
आसक्त मोहित
अंश हिस्सा अंस कंधा
अभिसार छिपकर मिलना अभीसार आक्रमण
अयश बदनामी अयस लोहा
आदि प्रारम्भिक आदी आदत
आधि मानसिक कष्ट व्याधि शारीरिक कष्ट
आपाद पैर तक, आपात् आकस्मिक
आरति विराम आरती पूजा
आरि जिद्द आरी एक औजार
आहुत हवन सामग्री आहूत बुलाया हुआ
आस्तिक ईश्वर को मानने वाला आस्तीक ऋषि विशेष
इति समाप्ति ईति दैविक आपदा
इतर अन्य इत्र सुगन्धित पदार्थ
उत्पल कमल उपल पत्थर
उद्वेक वृद्धि उद्वेग चिन्ता
उद्यम श्रम ऊधम शरारत
उपयुक्त उचित उपर्युक्त ऊपर कहा हुआ
उ(ाहरण उतारना उदाहरण दृष्टान्त
उर हृदय ऊरू जाँघ
ओर तरफ और दुसरा
कटक सेना कंटक काँटा
कटिबन्ध कमर/आभूषण कटिबद्ध तैयार
कर्ण कान करण साधन
कर्म कार्य क्रम सिलसिला
कलि कलयुग कली कलिका
कांति चमक क्रांति परिवर्तन
कूल किनारा कुल वंश/योग
अकथ जिसे कहा न जा सके अथक बिना थके
अग सर्प/पर्वत अघ पाप
अगम जहाँ जाना संभव नहीं आगम शास्त्र/आना
अचल पर्वत अचला पृथ्वी
अर्चन पूजा अर्जन संग्रह
अजर देवता अजिर आंगन
अनल आग अनिल हवा
अन्तर्देशीय देशों के बीच अन्तरदेशीय देश के भीतर
अनभिज्ञ अनजान अभिज्ञ जानकार
अनु पीछे अणु कण
अपकार बुराई उपकार भलाई
अनिष्ट बुरा अनिष्ठ निष्ठाहीन
अपमान निरादर उपमान जिससे उपमा दी जाए
अपेक्षा आशा/तुलना उपेक्षा अवहेलना
अभिराम सुन्दर अविराम लगातार
अभिज्ञ जानकार अविज्ञ मूर्ख
अभय निडर उभय दोनों
अमूल बिना जड़ का अमूल्य अनमोल
अरि दुश्मन अरी सम्बोधन
तरणि सूर्य तरणी नाव
दिन दिवस दीन गरीब
दीवा दीपक दिवा दिवस
देव देवता दैव भाग्य
निर्जर देवता निर्झर झरना
निदेश आज्ञा निर्देश दिशा निर्देश
निर्माण रचना निर्वाण मोक्ष
परिणत रूपान्तर परिणीत विवाहित
परवाह चिन्ता प्रवाह बहाव
परिवर्तन रूपान्तर प्रवर्तन प्रारम्भ
परूष कठोर पुरूष आदमी
परिणाम फल परिमाण नाप तौल
प्रसाद ड्डपा प्रासाद महल
प्रथा रीति पृथा कुन्ती
प्रेषक भेजने वाला प्रेक्षक देखने वाला
प्रतीप विपरीत प्रदीप दीपक
पानी जल पाणि हाथ
पायस खीर पावस वर्षा
वदन शरीर बदन मुख
बलि भेट बली बलवान
बेल लता बैल वृषभ
मात्र केवल मातृ माता
लक्ष लाख लक्ष्य उद्देश्य
वर्ण रंग व्रण घाव
वरण चुनना वारण हाथी
वसन वस्त्र व्यसन बुरी आदत
वसुदेव कृष्ण के पिता वासुदेव कृष्ण
विचक्षण ज्ञाता विलक्षण अनोखा
व्यजन पंखा व्यंजन पकवान/वर्ण
वृत घेरा व्रत उपवास
शर वाण सर तालाब
शम शांति सम समान
शुचि पवित्र शुची पवित्र
शची इन्द्राणी
शूर वीर सूर सूर्य
शंकर शिव संकर मिश्रण
स्वेद पसीना श्वेत सफेद
श्वजन कुत्ता स्वजन परिजन
श्रमण जैन भिक्षु श्रवण सुनना
सर्वदा हमेशा सर्वथा बिल्कुल
सुत पुत्र सूत सारथी
संदेह शंका सदेह शरीर सहित
स्वागत अपना कथन स्वागत आदर/शुभागमन
सुधा अमृत क्षुधा भूख
हरि विष्णु हरी हरे रंग की

No Comments

    Leave a Reply

    error: Content is protected !!
    error: Alert: Content is protected !!